श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.11.12

नवम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

अंग१दश्‍चित्रकेतुश्‍च लक्ष्मणस्यात्मजौ स्मृतौ।

तक्षः पुष्कल इत्यास्तां भरतस्य महीपते॥ १२

aṃgadaścitraketuśca lakṣmaṇasyātmajau smṛtau|

takṣaḥ puṣkala ityāstāṃ bharatasya mahīpate|| 12

अर्थ

लक्ष्मणजीके दो पुत्र हुए—अंगद और चित्रकेतु। परीक्षित्! इसी प्रकार भरतजीके भी दो ही पुत्र थे—तक्ष और पुष्कल॥ १२॥

टिप्पणियाँ

  1. १

    दश्‍चन्द्रके०।

    (मुद्रित पृष्ठ 62)

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