श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.5.2

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

पञ्चमो रैवतो नाम मनुस्तामससोदरः।

बलिविन्ध्यादयस्तस्य सुता अर्जुनपूर्वकाः॥ २

pañcamo raivato nāma manustāmasasodaraḥ|

balivindhyādayastasya sutā arjunapūrvakāḥ|| 2

अर्थ

पाँचवें मनुका नाम था रैवत। वे चौथे मनु तामसके सगे भाई थे। उनके अर्जुन, बलि, विन्ध्य आदि कई पुत्र थे॥ २॥

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