श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
⌕

॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.4.2

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

नेदुर्दुन्दुभयो दिव्या गन्धर्वा ननृतुर्जगुः।

ऋषयश्चारणाः सिद्धास्तुष्टुवुः पुरुषोत्तमम्॥ २

nedurdundubhayo divyā gandharvā nanṛturjaguḥ|

ṛṣayaścāraṇāḥ siddhāstuṣṭuvuḥ puruṣottamam|| 2

अर्थ

स्वर्गमें दुन्दुभियाँ बजने लगीं, गन्धर्व नाचने-गाने लगे, ऋषि, चारण और सिद्धगण भगवान् पुरुषोत्तमकी स्तुति करने लगे॥ २॥

पढ़नेकी विधि

अक्षरका आकार
सामान्य
अध्यायमें क्या दिखे
रोमन लिप्यन्तरण (IAST)
पंक्तियोंके बीच
रंग
सहायता

ये विकल्प केवल इसी ब्राउज़रमें रहते हैं; कहीं भेजे नहीं जाते। कुंजियाँ: ?

↑ ↓ चुनें · Enter खोलें · Esc बन्द

कुंजियाँ

←→
पिछला या अगला पृष्ठ (श्लोक, या अध्याय)
/
खोज
CtrlK
किसी अध्याय या श्लोकपर सीधे जाएँ (Mac: ⌘ K)
AltA
पढ़नेकी विधि
?
यह सूची
Esc
खुली सूची बन्द करें