श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.3.9

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

तस्मै नमः परेशाय ब्रह्मणेऽनन्तशक्तये।

अरूपायोरुरूपाय नम आश्‍चर्यकर्मणे॥ ९

tasmai namaḥ pareśāya brahmaṇe'nantaśaktaye|

arūpāyorurūpāya nama āścaryakarmaṇe|| 9

अर्थ

उन्हीं अनन्त शक्तिमान् सर्वैश्‍वर्यमय परब्रह्म परमात्माको मैं नमस्कार करता हूँ। वे अरूप होनेपर भी बहुरूप हैं। उनके कर्म अत्यन्त आश्‍चर्यमय हैं। मैं उनके चरणोंमें नमस्कार करता हूँ॥ ९॥

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