परीक्षित्! द्रविडदेशके राजा सत्यव्रतने अपनी अंजलिमें आयी हुई मछलीको जलके साथ ही फिरसे नदीमें डाल दिया॥ १३॥✎ 832
सत्यव्रतोऽञ्जलिगतां सह तोयेन भारत।
उत्ससर्ज नदीतोये शफरीं द्रविडेश्वरः॥ १३
परीक्षित्! द्रविडदेशके राजा सत्यव्रतने अपनी अंजलिमें आयी हुई मछलीको जलके साथ ही फिरसे नदीमें डाल दिया॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1015) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/24/13/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)