वही सत्यव्रत वर्तमान महाकल्पमें विवस्वान् (सूर्य)-के पुत्र श्राद्धदेवके नामसे विख्यात हुए और उन्हें भगवान्ने वैवस्वत मनु बना दिया॥ ११॥✎ 832
योऽसावस्मिन् महाकल्पे तनयः स विवस्वतः।
श्राद्धदेव इति ख्यातो मनुत्वे हरिणार्पितः॥ ११
वही सत्यव्रत वर्तमान महाकल्पमें विवस्वान् (सूर्य)-के पुत्र श्राद्धदेवके नामसे विख्यात हुए और उन्हें भगवान्ने वैवस्वत मनु बना दिया॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.24.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1015) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/24/11/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)