देवताओंके आराध्यदेव अद्भुतलीलाधारी वामनभगवान्के अवतारचरित्रका जो श्रवण करता है, उसे परम गतिकी प्राप्ति होती है॥ ३०॥✎ 8291630
य इदं देवदेवस्य हरेरद्भुतकर्मणः।
अवतारानुचरितं शृण्वन् याति परां गतिम्॥ ३०
देवताओंके आराध्यदेव अद्भुतलीलाधारी वामनभगवान्के अवतारचरित्रका जो श्रवण करता है, उसे परम गतिकी प्राप्ति होती है॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.23.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1014) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/23/30/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)