उस समय ऋक्षराज जाम्बवान् मनके समान वेगसे दौड़कर सब दिशाओंमें भेरी बजा-बजाकर भगवान्की मंगलमय विजयकी घोषणा कर आये॥ ८॥✎ 804805806807808
जाम्बवानृक्षराजस्तु भेरीशब्दैर्मनोजवः।
विजयं दिक्षु सर्वासु महोत्सवमघोषयत्॥ ८
उस समय ऋक्षराज जाम्बवान् मनके समान वेगसे दौड़कर सब दिशाओंमें भेरी बजा-बजाकर भगवान्की मंगलमय विजयकी घोषणा कर आये॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.21.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 1003) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/21/8/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (5)