श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.17.24

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

अदितेर्धिष्ठितं गर्भं भगवन्तं सनातनम्।

हिरण्यगर्भो विज्ञाय समीडे गुह्यनामभिः॥ २४

aditerdhiṣṭhitaṃ garbhaṃ bhagavantaṃ sanātanam|

hiraṇyagarbho vijñāya samīḍe guhyanāmabhiḥ|| 24

अर्थ

जब ब्रह्माजीको यह बात मालूम हुई कि अदितिके गर्भमें तो स्वयं अविनाशी भगवान् आये हैं, तब वे भगवान्‌के रहस्यमय नामोंसे उनकी स्तुति करने लगे॥ २४॥

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