श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.13.19

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

पारा मरीचिगर्भाद्या देवा इन्द्रोऽद्भुतः स्मृतः।

द्युतिमत्प्रमुखास्तत्र भविष्यन्त्यृषयस्ततः॥ १९

pārā marīcigarbhādyā devā indro'dbhutaḥ smṛtaḥ|

dyutimatpramukhāstatra bhaviṣyantyṛṣayastataḥ|| 19

अर्थ

पार, मरीचिगर्भ आदि देवताओंके गण होंगे और अद्भुत नामके इन्द्र होंगे। उस मन्वन्तरमें द्युतिमान् आदि सप्तर्षि होंगे॥ १९॥

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