॥ श्रीहरिः ॥
पारा मरीचिगर्भाद्या देवा इन्द्रोऽद्भुतः स्मृतः।
द्युतिमत्प्रमुखास्तत्र भविष्यन्त्यृषयस्ततः॥ १९
pārā marīcigarbhādyā devā indro'dbhutaḥ smṛtaḥ|
dyutimatpramukhāstatra bhaviṣyantyṛṣayastataḥ|| 19
अर्थ
पार, मरीचिगर्भ आदि देवताओंके गण होंगे और अद्भुत नामके इन्द्र होंगे। उस मन्वन्तरमें द्युतिमान् आदि सप्तर्षि होंगे॥ १९॥
पारा मरीचिगर्भाद्या देवा इन्द्रोऽद्भुतः स्मृतः।
द्युतिमत्प्रमुखास्तत्र भविष्यन्त्यृषयस्ततः॥ १९
पार, मरीचिगर्भ आदि देवताओंके गण होंगे और अद्भुत नामके इन्द्र होंगे। उस मन्वन्तरमें द्युतिमान् आदि सप्तर्षि होंगे॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.13.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 971) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/13/19/