बलने बड़े हस्तलाघवसे एक साथ ही एक हजार बाण चलाकर इन्द्रके एक हजार घोड़ोंको घायल कर दिया॥ २१॥✎ 1978
हरीन्दशशतान्याजौ हर्यश्वस्य बलः शरैः।
तावद्भिरर्दयामास युगपल्लघुहस्तवान्॥ २१
बलने बड़े हस्तलाघवसे एक साथ ही एक हजार बाण चलाकर इन्द्रके एक हजार घोड़ोंको घायल कर दिया॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.11.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 959) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/11/21/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1978 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): अपने → अपनी