श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.11.12

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

प्राहरत् कुलिशं तस्मा अमोघं परमर्दनः।

सयानो न्यपतद् भूमौ छिन्‍नपक्ष इवाचलः॥ १२

prāharat kuliśaṃ tasmā amoghaṃ paramardanaḥ|

sayāno nyapatad bhūmau chinnapakṣa ivācalaḥ|| 12

अर्थ

शत्रुघाती इन्द्रने बलिपर अपने अमोघ वज्रका प्रहार किया। उसकी चोटसे बलि पंख कटे हुए पर्वतके समान अपने विमानके साथ पृथ्वीपर गिर पड़े॥ १२॥

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