॥ श्रीहरिः ॥
प्राहरत् कुलिशं तस्मा अमोघं परमर्दनः।
सयानो न्यपतद् भूमौ छिन्नपक्ष इवाचलः॥ १२
prāharat kuliśaṃ tasmā amoghaṃ paramardanaḥ|
sayāno nyapatad bhūmau chinnapakṣa ivācalaḥ|| 12
अर्थ
शत्रुघाती इन्द्रने बलिपर अपने अमोघ वज्रका प्रहार किया। उसकी चोटसे बलि पंख कटे हुए पर्वतके समान अपने विमानके साथ पृथ्वीपर गिर पड़े॥ १२॥
प्राहरत् कुलिशं तस्मा अमोघं परमर्दनः।
सयानो न्यपतद् भूमौ छिन्नपक्ष इवाचलः॥ १२
शत्रुघाती इन्द्रने बलिपर अपने अमोघ वज्रका प्रहार किया। उसकी चोटसे बलि पंख कटे हुए पर्वतके समान अपने विमानके साथ पृथ्वीपर गिर पड़े॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.11.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 958) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/11/12/