इन्द्रके चारों ओर अपने-अपने वाहन, ध्वजा और आयुधोंसे युक्त देवगण एवं अपने-अपने गणोंके साथ वायु, अग्नि, वरुण आदि लोकपाल हो लिये॥ २६॥✎ 20322033
तस्यासन्सर्वतो देवा नानावाहध्वजायुधाः।
लोकपालाः सह गणैर्वाय्वग्निवरुणादयः॥ २६
इन्द्रके चारों ओर अपने-अपने वाहन, ध्वजा और आयुधोंसे युक्त देवगण एवं अपने-अपने गणोंके साथ वायु, अग्नि, वरुण आदि लोकपाल हो लिये॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 953) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/10/26/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)