श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.6.39

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

विवस्वानर्यमा पूषा त्वष्टाथ सविता भगः।

धाता विधाता वरुणो मित्रः शक्र उरुक्रमः॥ ३९

vivasvānaryamā pūṣā tvaṣṭātha savitā bhagaḥ|

dhātā vidhātā varuṇo mitraḥ śakra urukramaḥ|| 39

अर्थ

अदितिके पुत्र थे—विवस्वान्, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरुण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम (वामन)। यही बारह आदित्य कहलाये॥ ३९॥

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