॥ श्रीहरिः ॥
तार्क्ष्यस्य विनता कद्रूः पतङ्गी यामिनीति च।
पतङ्ग्यसूत पतगान् यामिनी शलभानथ॥ २१
tārkṣyasya vinatā kadrūḥ pataṅgī yāminīti ca|
pataṅgyasūta patagān yāminī śalabhānatha|| 21
अर्थ
तार्क्ष्यनामधारी कश्यपकी चार स्त्रियाँ थीं—विनता, कद्रू, पतंगी और यामिनी। पतंगीसे पक्षियोंका और यामिनीसे शलभों (पतिंगों)-का जन्म हुआ॥ २१॥
तार्क्ष्यस्य विनता कद्रूः पतङ्गी यामिनीति च।
पतङ्ग्यसूत पतगान् यामिनी शलभानथ॥ २१
तार्क्ष्यनामधारी कश्यपकी चार स्त्रियाँ थीं—विनता, कद्रू, पतंगी और यामिनी। पतंगीसे पक्षियोंका और यामिनीसे शलभों (पतिंगों)-का जन्म हुआ॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.6.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 731) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/6/21/