श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.6.21

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

तार्क्ष्यस्य विनता कद्रूः पतङ्गी यामिनीति च।

पतङ्‌ग्‍यसूत पतगान् यामिनी शलभानथ॥ २१

tārkṣyasya vinatā kadrūḥ pataṅgī yāminīti ca|

pataṅgyasūta patagān yāminī śalabhānatha|| 21

अर्थ

तार्क्ष्यनामधारी कश्यपकी चार स्त्रियाँ थीं—विनता, कद्रू, पतंगी और यामिनी। पतंगीसे पक्षियोंका और यामिनीसे शलभों (पतिंगों)-का जन्म हुआ॥ २१॥

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