श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.2.21

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

इति प्रत्युदिता याम्या दूता यात्वा यमान्तिके।

यमराज्ञे यथा सर्वमाचचक्षुररिंदम॥ २१

iti pratyuditā yāmyā dūtā yātvā yamāntike|

yamarājñe yathā sarvamācacakṣurariṃdama|| 21

अर्थ

प्रिय परीक्षित्! पार्षदोंकी यह बात सुनकर यमदूत यमराजके पास गये और उन्हें यह सारा वृत्तान्त ज्यों-का-त्यों सुना दिया॥ २१॥

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