श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.17.26

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

ततस्तु भगवान् रुद्रो रुद्राणीमिदमब्रवीत्।

देवर्षिदैत्यसिद्धानां पार्षदानां च शृण्वताम् ॥ २६

tatastu bhagavān rudro rudrāṇīmidamabravīt|

devarṣidaityasiddhānāṃ pārṣadānāṃ ca śṛṇvatām || 26

अर्थ

तब भगवान् शंकरने देवता, ऋषि, दैत्य, सिद्ध और पार्षदोंके सामने ही भगवती पार्वतीजीसे यह बात कही॥ २६॥

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