॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 6.10.23
शूलैः परश्वधैः खड्गैः शतघ्नीभिर्भुशुण्डिभिः।
सर्वतोऽवाकिरन् शस्त्रैरस्त्रैश्च विबुधर्षभान्॥ २३
śūlaiḥ paraśvadhaiḥ khaḍgaiḥ śataghnībhirbhuśuṇḍibhiḥ|
sarvato'vākiran śastrairastraiśca vibudharṣabhān|| 23
अर्थ
वे घमंडी असुर सिंहनाद करते हुए बड़ी सावधानीसे देवसेनापर प्रहार करने लगे। उन लोगोंने गदा, परिघ, बाण, प्रास, मुद्गर, तोमर, शूल, फरसे, तलवार, शतघ्नी (तोप), भुशुण्डि आदि अस्त्र-शस्त्रोंकी बौछारसे देवताओंको सब ओरसे ढक दिया॥ २२-२३॥