वह बालक बड़ा समर्थ है। जिस कामको बड़े-बड़े लोकपाल भी नहीं कर सके, उसे पूरा करके वह शीघ्र ही तुम्हारे पास लौट आयेगा। उसके कारण तुम्हारा यश भी बहुत बढ़ेगा॥ ६९॥
सुदुष्करं कर्म कृत्वा लोकपालैरपि प्रभुः।
एष्यत्यचिरतो राजन् यशो विपुलयंस्तव॥ ६९
वह बालक बड़ा समर्थ है। जिस कामको बड़े-बड़े लोकपाल भी नहीं कर सके, उसे पूरा करके वह शीघ्र ही तुम्हारे पास लौट आयेगा। उसके कारण तुम्हारा यश भी बहुत बढ़ेगा॥ ६९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.8.69 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 450) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/8/69/