यदि तुझे राजसिंहासनकी इच्छा है तो तपस्या करके परम पुरुष श्रीनारायणकी आराधना कर और उनकी कृपासे मेरे गर्भमें आकर जन्म ले’॥ १३॥
तपसाऽऽराध्य पुरुषं तस्यैवानुग्रहेण मे।
गर्भे त्वं साधयात्मानं यदीच्छसि नृपासनम्॥ १३
यदि तुझे राजसिंहासनकी इच्छा है तो तपस्या करके परम पुरुष श्रीनारायणकी आराधना कर और उनकी कृपासे मेरे गर्भमें आकर जन्म ले’॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.8.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 444) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/4/8/13/