श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.24.76

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

य इमं श्रद्धया युक्तो मद्गीतं भगवत्स्तवम्।

अधीयानो दुराराध्यं हरिमाराधयत्यसौ॥ ७६

ya imaṃ śraddhayā yukto madgītaṃ bhagavatstavam|

adhīyāno durārādhyaṃ harimārādhayatyasau|| 76

अर्थ

यद्यपि भगवान्‌की आराधना बहुत कठिन है—किन्तु मेरे कहे हुए इस स्तोत्रका जो श्रद्धापूर्वक पाठ करेगा, वह सुगमतासे ही उनकी प्रसन्‍नता प्राप्त कर लेगा॥ ७६॥✎ 416

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #416 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की

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