दक्षने कहा, ‘यह महादेव देवताओंमें बड़ा ही अधम है। अबसे इसे इन्द्र-उपेन्द्र आदि देवताओंके साथ यज्ञका भाग न मिले’॥ १८॥
अयं तु देवयजन इन्द्रोपेन्द्रादिभिर्भवः।
सह भागं न लभतां देवैर्देवगणाधमः॥ १८
दक्षने कहा, ‘यह महादेव देवताओंमें बड़ा ही अधम है। अबसे इसे इन्द्र-उपेन्द्र आदि देवताओंके साथ यज्ञका भाग न मिले’॥ १८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.2.18 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 413) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/2/18/