श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.9.4

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तद्वा इदं भुवनमङ्गल मङ्गलाय

ध्याने स्म नो दर्शितं त उपासकानाम्।

तस्मै नमो भगवतेऽनुविधेम तुभ्यं

योऽनादृतो नरकभाग्भिरसत्प्रसङ्गैः॥ ४

tadvā idaṃ bhuvanamaṅgala maṅgalāya

dhyāne sma no darśitaṃ ta upāsakānām|

tasmai namo bhagavate'nuvidhema tubhyaṃ

yo'nādṛto narakabhāgbhirasatprasaṅgaiḥ|| 4

अर्थ

हे विश्‍वकल्याणमय! मैं आपका उपासक हूँ, आपने मेरे हितके लिये ही मुझे ध्यानमें अपना यह रूप दिखलाया है। जो पापात्मा विषयासक्त जीव हैं, वे ही इसका अनादर करते हैं। मैं तो आपको इसी रूपमें बार-बार नमस्कार करता हूँ॥ ४॥

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