श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.3.11

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

शम्बरं द्विविदं बाणं मुरं बल्वलमेव च।

अन्यांश्‍च दन्तवक्‍त्रादीनवधीत्कांश्‍च घातयत्॥ ११

śambaraṃ dvividaṃ bāṇaṃ muraṃ balvalameva ca|

anyāṃśca dantavaktrādīnavadhītkāṃśca ghātayat|| 11

अर्थ

शम्बर, द्विविद, बाणासुर, मुर, बल्वल तथा दन्तवक्‍त्र आदि अन्य योद्धाओंमेंसे भी किसीको उन्होंने स्वयं मारा था और किसीको दूसरोंसे मरवाया॥ ११॥✎ 201 202

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
  • #201 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने
  • #202 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने

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