प्रसिद्ध यशस्वी सम्राट् स्वायम्भुव मनु ब्रह्मावर्तमें रहकर सात समुद्रवाली सारी पृथ्वीका शासन करते हैं॥ २५॥✎ 300
प्रजापतिसुतः सम्राण्मनुर्विख्यातमंगलः।
ब्रह्मावर्तं योऽधिवसन् शास्ति सप्तार्णवां महीम्॥ २५
प्रसिद्ध यशस्वी सम्राट् स्वायम्भुव मनु ब्रह्मावर्तमें रहकर सात समुद्रवाली सारी पृथ्वीका शासन करते हैं॥ २५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.21.25 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 337) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/21/25/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#300 शब्दोंके बीचका स्थान: श्रीभगवान् ने → श्रीभगवान्ने