पुरुष तपके द्वारा ही इन्द्रियातीत, सर्वान्तर्यामी, ज्योतिःस्वरूप श्रीहरिको सुगमतासे प्राप्त कर सकता है’॥ १९॥
तपसैव परं ज्योतिर्भगवन्तमधोक्षजम्।
सर्वभूतगुहावासमञ्जसा विन्दते पुमान्॥ १९
पुरुष तपके द्वारा ही इन्द्रियातीत, सर्वान्तर्यामी, ज्योतिःस्वरूप श्रीहरिको सुगमतासे प्राप्त कर सकता है’॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.12.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 288) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/12/19/