श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 2.8.29

द्वितीय स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

यद् यत् परीक्षिदृषभः पाण्डूनामनुपृच्छति।

आनुपूर्व्येण तत्सर्वमाख्यातुमुपचक्रमे॥ २९

yad yat parīkṣidṛṣabhaḥ pāṇḍūnāmanupṛcchati|

ānupūrvyeṇa tatsarvamākhyātumupacakrame|| 29

अर्थ

पाण्डुवंशशिरोमणि परीक्षित‍्ने उनसे जो-जो प्रश्न किये थे, वे उन सबका उत्तर क्रमशः देने लगे॥ २९॥✎ 169 170

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां द्वितीयस्कन्धे प्रश्नविधिर्नामाष्टमोऽध्यायः॥ ८॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
  • #169 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने
  • #170 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की

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