श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
⌕

॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 2.10.49

द्वितीय स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

कुत्र कौषारवेस्तस्य संवादोऽध्यात्मसंश्रितः।

यद्वा स भगवांस्तस्मै पृष्टस्तत्त्वमुवाच ह॥ ४९

kutra kauṣāravestasya saṃvādo'dhyātmasaṃśritaḥ|

yadvā sa bhagavāṃstasmai pṛṣṭastattvamuvāca ha|| 49

अर्थ

उस यात्रामें मैत्रेय ऋषिके साथ अध्यात्मके सम्बन्धमें उनकी बातचीत कहाँ हुई तथा मैत्रेयजीने उनके प्रश्न करनेपर किस तत्त्वका उपदेश किया?॥ ४९॥

पढ़नेकी विधि

अक्षरका आकार
सामान्य
अध्यायमें क्या दिखे
रोमन लिप्यन्तरण (IAST)
पंक्तियोंके बीच
रंग
सहायता

ये विकल्प केवल इसी ब्राउज़रमें रहते हैं; कहीं भेजे नहीं जाते। कुंजियाँ: ?

↑ ↓ चुनें · Enter खोलें · Esc बन्द

कुंजियाँ

←→
पिछला या अगला पृष्ठ (श्लोक, या अध्याय)
/
खोज
CtrlK
किसी अध्याय या श्लोकपर सीधे जाएँ (Mac: ⌘ K)
AltA
पढ़नेकी विधि
?
यह सूची
Esc
खुली सूची बन्द करें