राजर्षि खट्वांग अपनी आयुकी समाप्तिका समय जानकर दो घड़ीमें ही सब कुछ त्यागकर भगवान्के अभयपदको प्राप्त हो गये॥ १३॥
खट्वाङ्गो नाम राजर्षिर्ज्ञात्वेयत्तामिहायुषः।
मुहूर्तात्सर्वमुत्सृज्य गतवानभयं हरिम्॥ १३
राजर्षि खट्वांग अपनी आयुकी समाप्तिका समय जानकर दो घड़ीमें ही सब कुछ त्यागकर भगवान्के अभयपदको प्राप्त हो गये॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.1.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 182) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/2/1/13/