श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.8.17

दशम स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

पुरानेन व्रजपते साधवो दस्युपीडिताः।

अराजके रक्ष्यमाणा जिग्युर्दस्यून् समेधिताः॥ १७

purānena vrajapate sādhavo dasyupīḍitāḥ|

arājake rakṣyamāṇā jigyurdasyūn samedhitāḥ|| 17

अर्थ

व्रजराज! पहले युगकी बात है। एक बार पृथ्वीमें कोई राजा नहीं रह गया था। डाकुओंने चारों ओर लूट-खसोट मचा रखी थी। तब तुम्हारे इसी पुत्रने सज्जन पुरुषोंकी रक्षा की और इससे बल पाकर उन लोगोंने लुटेरोंपर विजय प्राप्त की॥ १७॥

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