श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.41.38

दशम स्कन्ध · अध्याय 41 · अथैकचत्वारिंशोऽध्यायः

तस्यानुजीविनः सर्वे वा१सः कोशान् विसृज्य वै।

दुद्रुवुः सर्वतो मार्गं वासांसि जगृहेऽच्युतः॥ ३८

tasyānujīvinaḥ sarve vāsaḥ kośān visṛjya vai|

dudruvuḥ sarvato mārgaṃ vāsāṃsi jagṛhe'cyutaḥ|| 38

अर्थ

यह देखकर उस धोबीके अधीन काम करनेवाले सब-के-सब कपड़ोंके गट्ठर वहीं छोड़कर इधर-उधर भाग गये। भगवान्‌ने उन वस्त्रोंको ले लिया॥ ३८॥

टिप्पणियाँ

  1. १

    बाह्यघोषैर्वितत्रसुः।

    (मुद्रित पृष्ठ 390)

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