श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.4.5

दशम स्कन्ध · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

बहवो हिंसिता भ्रातः शिशवः पावकोपमाः।

त्वया दैवनिसृष्टेन पुत्रिकैका प्रदीयताम्॥ ५

bahavo hiṃsitā bhrātaḥ śiśavaḥ pāvakopamāḥ|

tvayā daivanisṛṣṭena putrikaikā pradīyatām|| 5

अर्थ

भैया! तुमने दैववश मेरे बहुत-से अग्‍निके समान तेजस्वी बालक मार डाले। अब केवल यही एक कन्या बची है, इसे तो मुझे दे दो॥ ५॥

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