श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.37.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 37 · अथ सप्तत्रिंशोऽध्यायः

स्यमन्तकस्य च मणेरादानं सह भार्यया।

मृतपुत्रप्रदानं च ब्राह्मणस्य स्वधामतः॥ १९

syamantakasya ca maṇerādānaṃ saha bhāryayā|

mṛtaputrapradānaṃ ca brāhmaṇasya svadhāmataḥ|| 19

अर्थ

आप जाम्बवतीके साथ स्यमन्तक मणिको जाम्बवान्से ले आयेंगे और अपने धामसे ब्राह्मणके मरे हुए पुत्रोंको ला देंगे॥ १९॥

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