श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.36.23

दशम स्कन्ध · अध्याय 36 · अथ षट्त्रिंशोऽध्यायः

नन्दव्रजे किलासाते सुतावानकदुन्दुभेः।

रामकृष्णौ ततो मह्यं मृत्युः किल निदर्शितः॥ २३

nandavraje kilāsāte sutāvānakadundubheḥ|

rāmakṛṣṇau tato mahyaṃ mṛtyuḥ kila nidarśitaḥ|| 23

अर्थ

वसुदेवके दो पुत्र बलराम और कृष्ण नन्दके व्रजमें रहते हैं। उन्हींके हाथसे मेरी मृत्यु बतलायी जाती है॥ २३॥

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