भला, कहाँ तो यह सात वर्षका नन्हा-सा बालक और कहाँ इतने बड़े गिरिराजको सात दिनोंतक उठाये रखना! व्रजराज! इसीसे तो तुम्हारे पुत्रके सम्बन्धमें हमें बड़ी शंका हो रही है॥ १४॥
क्व सप्तहायनो बालः क्व महाद्रिविधारणम्।
ततो नो जायते शंका व्रजनाथ तवात्मजे॥ १४
भला, कहाँ तो यह सात वर्षका नन्हा-सा बालक और कहाँ इतने बड़े गिरिराजको सात दिनोंतक उठाये रखना! व्रजराज! इसीसे तो तुम्हारे पुत्रके सम्बन्धमें हमें बड़ी शंका हो रही है॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.26.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 299) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/26/14/