श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.11.49

दशम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

कृष्णं महाबकग्रस्तं दृष्ट्वा रामादयोऽर्भकाः।

बभूवुरिन्द्रियाणीव विना प्राणं विचेतसः॥ ४९

kṛṣṇaṃ mahābakagrastaṃ dṛṣṭvā rāmādayo'rbhakāḥ|

babhūvurindriyāṇīva vinā prāṇaṃ vicetasaḥ|| 49

अर्थ

जब बलराम आदि बालकोंने देखा कि वह बड़ा भारी बगुला श्रीकृष्णको निगल गया, तब उनकी वही गति हुई जो प्राण निकल जानेपर इन्द्रियोंकी होती है। वे अचेत हो गये॥ ४९॥

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