श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.10.20

दशम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

यदिमौ लोकपालस्य पुत्रौ भूत्वा तमःप्लुतौ।

न विवाससमात्मानं विजानीतः सुदुर्मदौ॥ २०

yadimau lokapālasya putrau bhūtvā tamaḥplutau|

na vivāsasamātmānaṃ vijānītaḥ sudurmadau|| 20

अर्थ

देखो तो सही, कितना अनर्थ है कि ये लोकपाल कुबेरके पुत्र होनेपर भी मदोन्मत्त होकर अचेत हो रहे हैं और इनको इस बातका भी पता नहीं है कि हम बिलकुल नंग-धड़ंग हैं॥ २०॥

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