श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.9.4

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

दृष्ट्वा निपतितं भूमौ दिवश्च्युतमिवामरम्।

प्रणेमुः पाण्डवा भीष्मं सानुगाः सह चक्रिणा॥ ४

dṛṣṭvā nipatitaṃ bhūmau divaścyutamivāmaram|

praṇemuḥ pāṇḍavā bhīṣmaṃ sānugāḥ saha cakriṇā|| 4

अर्थ

अपने अनुचरों और भगवान् श्रीकृष्णके साथ वहाँ जाकर पाण्डवोंने देखा कि भीष्मपितामह स्वर्गसे गिरे हुए देवताके समान पृथ्वीपर पड़े हुए हैं। उन लोगोंने उन्हें प्रणाम किया॥ ४॥

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