उन्होंने इस भागवत-संहिताका निर्माण और पुनरावृत्ति करके इसे अपने निवृत्तिपरायण पुत्र श्रीशुकदेवजीको पढ़ाया॥ ८॥✎ 1573
स संहितां भागवतीं कृत्वानुक्रम्य चात्मजम्।
शुकमध्यापयामास निवृत्तिनिरतं मुनिः॥ ८
उन्होंने इस भागवत-संहिताका निर्माण और पुनरावृत्ति करके इसे अपने निवृत्तिपरायण पुत्र श्रीशुकदेवजीको पढ़ाया॥ ८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.7.8 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 107) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/7/8/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)