आपने धर्म आदि पुरुषार्थोंका जैसा निरूपण किया है, भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वैसा निरूपण नहीं किया॥ ९॥✎ 4041424344454615711572
यथा धर्मादयश्चार्था मुनिवर्यानुकीर्तिताः।
न तथा वासुदेवस्य महिमा ह्यनुवर्णितः॥ ९
आपने धर्म आदि पुरुषार्थोंका जैसा निरूपण किया है, भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वैसा निरूपण नहीं किया॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.5.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 98) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/5/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (9)