श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.3.40

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

इदं भागवतं नाम पुराणं ब्रह्मसम्मितम्।

उत्तमश्लोकचरितं चकार भगवानृषिः॥ ४०

idaṃ bhāgavataṃ nāma purāṇaṃ brahmasammitam|

uttamaślokacaritaṃ cakāra bhagavānṛṣiḥ|| 40

अर्थ

भगवान् वेदव्यासने यह वेदोंके समान भगवच्चरित्रसे परिपूर्ण भागवत नामका पुराण बनाया है॥ ४०॥

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