॥ श्रीहरिः ॥
ततः कलौ सम्प्रवृत्ते सम्मोहाय सुरद्विषाम्।
बुद्धो नाम्नाजनसुतः कीकटेषु भविष्यति॥ २४
tataḥ kalau sampravṛtte sammohāya suradviṣām|
buddho nāmnājanasutaḥ kīkaṭeṣu bhaviṣyati|| 24
अर्थ
उसके बाद कलियुग आ जानेपर मगधदेश (बिहार)-में देवताओंके द्वेषी दैत्योंको मोहित करनेके लिये अजनके पुत्ररूपमें आपका बुद्धावतार होगा॥ २४॥
ततः कलौ सम्प्रवृत्ते सम्मोहाय सुरद्विषाम्।
बुद्धो नाम्नाजनसुतः कीकटेषु भविष्यति॥ २४
उसके बाद कलियुग आ जानेपर मगधदेश (बिहार)-में देवताओंके द्वेषी दैत्योंको मोहित करनेके लिये अजनके पुत्ररूपमें आपका बुद्धावतार होगा॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.3.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 91) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/3/24/