॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 1.16.24
इदं ममाचक्ष्व तवाधिमूलं
वसुन्धरे येन विकर्शितासि।
कालेन वा ते बलिनां बलीयसा
सुरार्चितं किं हृतमम्ब सौभगम्॥ २४
idaṃ mamācakṣva tavādhimūlaṃ
vasundhare yena vikarśitāsi|
kālena vā te balināṃ balīyasā
surārcitaṃ kiṃ hṛtamamba saubhagam|| 24
अर्थ
देवि! तुम तो धन-रत्नोंकी खान हो। तुम अपने क्लेशका कारण, जिससे तुम इतनी दुर्बल हो गयी हो, मुझे बतलाओ। मालूम होता है, बड़े-बड़े बलवानोंको भी हरा देनेवाले कालने देवताओंके द्वारा वन्दनीय तुम्हारे सौभाग्यको छीन लिया है॥ २४॥